1st April Rule Change: अप्रैल से नए वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत होने जा रही है। इस नए वित्त वर्ष में देश के बैंकिंग क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ेगा। इन बदलावों में सेविंग्स अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में परिवर्तन, क्रेडिट कार्ड पॉलिसी में बदलाव, और यूपीआई सेवाओं से जुड़े नए नियम शामिल हैं। आइए जानते हैं इन बदलावों के बारे में विस्तार से, ताकि आप अपनी वित्तीय योजनाओं को इनके अनुसार समायोजित कर सकें।
सेविंग्स अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में बदलाव
नए वित्त वर्ष में कई बैंक अपने सेविंग्स अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव करने वाले हैं। अब ब्याज दरें खाते में जमा राशि के आधार पर तय की जाएंगी। इसका अर्थ है कि जो ग्राहक अपने खातों में अधिक राशि रखेंगे, उन्हें अधिक ब्याज मिलने की संभावना है। यह बदलाव बड़े निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। लेकिन छोटे बचतकर्ताओं को इस बारे में सावधानीपूर्वक योजना बनानी होगी कि वे अपनी बचत को कैसे प्रबंधित करें ताकि अधिकतम लाभ उठा सकें।
क्रेडिट कार्ड से जुड़े महत्वपूर्ण बदलाव
एसबीआई और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक जैसे प्रमुख बैंक अपनी क्रेडिट कार्ड पॉलिसी में महत्वपूर्ण बदलाव कर रहे हैं। एसबीआई कार्ड के मामले में, कुछ विशेष ट्रांजेक्शन पर रिवॉर्ड पॉइंट कम होने वाले हैं। उदाहरण के लिए, SimplyCLICK SBI कार्डधारकों को स्विगी पर अब 10X के बजाय 5X रिवॉर्ड पॉइंट मिलेंगे। इसी तरह, Air India SBI Platinum Credit Card पर एयर इंडिया टिकट बुकिंग पर हर 100 रुपये के खर्च पर अब 15 की जगह सिर्फ 5 रिवॉर्ड पॉइंट मिलेंगे। Air India SBI Signature Credit Card के उपयोगकर्ताओं को हर 100 रुपये के खर्च पर 30 के बजाय 10 पॉइंट ही मिलेंगे।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के क्रेडिट कार्ड में परिवर्तन
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक भी अपने क्रेडिट कार्ड में कई बदलाव कर रहा है। 31 मार्च से क्लब विस्तारा क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए माइलस्टोन रिवॉर्ड बंद हो जाएंगे। साथ ही, क्लब विस्तारा सिल्वर मेंबरशिप भी अब उपलब्ध नहीं होगी। इसके अलावा, कॉम्प्लिमेंटरी वाउचर्स जैसे प्रीमियम इकोनॉमी टिकट और क्लास अपग्रेड वाउचर्स भी बंद हो जाएंगे। हालांकि, 31 मार्च के बाद क्रेडिट कार्ड का नवीनीकरण कराने वाले ग्राहकों के लिए बैंक एक साल के लिए वार्षिक शुल्क माफ करेगा, लेकिन इन ग्राहकों को प्रमुख यात्रा लाभ नहीं मिलेंगे।
शहरी सहकारी बैंकों के लिए नए नियम
1 अप्रैल से शहरी सहकारी बैंकों के लिए भी एक नया नियम लागू होने जा रहा है। इस नियम के अनुसार, शहरी सहकारी बैंकों को अपने कुल कर्ज का 60 प्रतिशत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (प्रायोरिटी सेक्टर्स) को देना होगा। इस बदलाव का एक सकारात्मक प्रभाव यह होगा कि अब अधिक महिलाएं लोन के लिए पात्र होंगी। यह कदम सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है।
UPI अकाउंट्स से जुड़े महत्वपूर्ण बदलाव
अप्रैल से UPI सेवाओं से संबंधित भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं। बैंक में रजिस्टर्ड ऐसे मोबाइल नंबर, जो लंबे समय से एक्टिव नहीं हैं, उनसे जुड़ी UPI ID निष्क्रिय (डिएक्टिवेट) हो जाएगी। ऐसे मोबाइल नंबर से जुड़ी UPI सेवाओं का उपयोग तभी किया जा सकेगा जब वह मोबाइल नंबर फिर से एक्टिव हो जाए। यह बदलाव टेलीकॉम विभाग (DoT) के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। NPCI ने इस संबंध में बताया है कि रीवोक या सरेंडर किए गए मोबाइल नंबरों की वजह से तकनीकी समस्याएं और धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं।
UPI और ATM से PF निकालने की सुविधा
नए वित्त वर्ष में एक अच्छी खबर यह है कि जल्द ही UPI और ATM के माध्यम से प्रोविडेंट फंड (PF) निकालने की सुविधा शुरू हो सकती है। इस सेवा की शुरुआत मई-जून माह में होने की संभावना है। इस सुविधा से PF निकालने के लिए ग्राहकों को लंबे इंतजार से मुक्ति मिलेगी और वे आसानी से अपने PF फंड को एक्सेस कर पाएंगे। यह बदलाव डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा।
ग्राहकों के लिए सुझाव और सावधानियां
इन सभी बदलावों को देखते हुए, ग्राहकों को अपनी वित्तीय योजनाओं की समीक्षा करने और उन्हें नए नियमों के अनुसार समायोजित करने की आवश्यकता है। विशेष रूप से, क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं को अपने कार्ड के रिवॉर्ड प्रोग्राम की जांच करनी चाहिए और यह समझना चाहिए कि नए बदलावों से उन्हें कितना फायदा या नुकसान होगा। UPI उपयोगकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर सक्रिय हैं, ताकि उनकी UPI सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकें।
नए वित्त वर्ष 2025-26 में बैंकिंग क्षेत्र में होने वाले ये बदलाव ग्राहकों के वित्तीय जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेंगे। कुछ बदलाव, जैसे बड़ी राशि पर अधिक ब्याज दरें और UPI के माध्यम से PF निकालने की सुविधा, ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। वहीं, क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स में कमी से कुछ ग्राहकों को नुकसान हो सकता है। इसलिए, हर ग्राहक को इन बदलावों के बारे में जानकारी रखना और अपनी वित्तीय रणनीति को तदनुसार बनाना महत्वपूर्ण है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि आपका मोबाइल नंबर और UPI अकाउंट सक्रिय रहे, ताकि आप डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ निर्बाध रूप से उठा सकें।
Disclaimer
इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है। बैंकिंग नियमों और पॉलिसी में बदलाव के संबंध में सटीक जानकारी के लिए कृपया अपने बैंक से संपर्क करें या उनकी आधिकारिक वेबसाइट देखें। विभिन्न बैंकों के नियम और शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कृपया किसी भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बैंक से परामर्श करें।