DA Hike: मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए अप्रैल माह खुशियों से भरा रहने वाला है। मोहन यादव सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को बड़ी सौगात देने का निर्णय लिया है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही कर्मचारियों को डबल बोनस मिलने जा रहा है। एक तरफ जहां प्रमोशन पर लगी 9 साल पुरानी रोक हटाई गई है, वहीं दूसरी ओर अब उन्हें सातवें वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ता मिलेगा। इन दोनों फैसलों से राज्य के लाखों कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
9 साल बाद प्रमोशन का रास्ता साफ
मध्य प्रदेश में वर्ष 2016 से विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक लगी हुई थी। इस कारण लंबे समय से कई योग्य कर्मचारियों को उनके पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा था। मोहन यादव सरकार ने अब इस रोक को हटाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के सभी विभागों को प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस दौरान कई कर्मचारी रिटायर भी हो चुके हैं, जिन्हें प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पाया था। अब बाकी कर्मचारियों को उनकी योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति मिल सकेगी।
सातवें वेतन आयोग के अनुसार मिलेगा महंगाई भत्ता
मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को अब तक छठे वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ता मिल रहा था। राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से सातवें वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया है। इस फैसले पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में मुहर लग चुकी है। सातवें वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ता मिलने से कर्मचारियों की सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे उनके हाउस रेंट सहित अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
कर्मचारियों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत
प्रदेश के सरकारी कर्मचारी लंबे समय से इन दोनों लाभों का इंतजार कर रहे थे। विशेषकर महंगाई भत्ते में वृद्धि की मांग लंबे समय से की जा रही थी। बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को अब राहत मिलेगी। सातवें वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ता मिलने से उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी और वे महंगाई से बेहतर तरीके से निपट सकेंगे। वहीं प्रमोशन मिलने से उनके करियर में भी प्रगति होगी और कार्य के प्रति उत्साह बढ़ेगा।
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में लागू होंगे दोनों फैसले
मध्य प्रदेश सरकार के ये दोनों महत्वपूर्ण फैसले नए वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत से लागू हो जाएंगे। 1 अप्रैल 2025 से कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ता मिलने लगेगा और प्रमोशन पर लगी रोक हट जाएगी। इससे लाखों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम उठाया गया है।
सातवें वेतन आयोग का महत्व
सातवें वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ता मिलने से कर्मचारियों को कई अन्य लाभ भी मिलेंगे। इससे न केवल उनका मूल वेतन बढ़ेगा बल्कि हाउस रेंट अलाउंस, यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाओं में भी वृद्धि होगी। सातवें वेतन आयोग में महंगाई भत्ते की गणना का आधार भी बदल जाता है, जिससे कर्मचारियों को अधिक लाभ होगा। इसके अलावा भविष्य निधि में भी अधिक धनराशि जमा होगी, जो उनके सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाएगी।
कर्मचारियों में उत्साह
प्रदेश भर में सरकारी कर्मचारियों में इन फैसलों को लेकर उत्साह है। लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। प्रमोशन के अवसर मिलने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक उत्साह के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। वहीं बढ़े हुए महंगाई भत्ते से उनकी आर्थिक चिंताएं कम होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से सरकारी कामकाज में भी सुधार आएगा और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी।
अन्य राज्यों पर भी पड़ सकता है प्रभाव
मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले से अन्य राज्यों पर भी दबाव बन सकता है, जहां अभी भी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के अनुसार ही भत्ते मिल रहे हैं। कई राज्यों में भी प्रमोशन प्रक्रिया बाधित है। मध्य प्रदेश के कदम से अन्य राज्य भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसे ही फैसले लेने को प्रेरित हो सकते हैं। इससे देश भर के सरकारी कर्मचारियों की स्थिति में सुधार हो सकता है।
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार का यह फैसला राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। डबल बोनस के रूप में प्रमोशन और सातवें वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ता, दोनों का लाभ 1 अप्रैल से मिलना शुरू हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और वे महंगाई से बेहतर तरीके से निपट सकेंगे। यह फैसला सरकार की कर्मचारी हितैषी नीतियों को दर्शाता है और निश्चित रूप से प्रशासनिक कामकाज में सुधार लाएगा।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी नीतिगत निर्णय से पहले आधिकारिक सरकारी अधिसूचना की पुष्टि करें। वेतन और भत्तों से संबंधित निर्णयों के लिए अपने विभाग के निर्देशों का पालन करें। लेख में दी गई जानकारी सरकारी घोषणाओं और समाचार रिपोर्टों पर आधारित है।