RBI Currency Updates: भारतीय रिजर्व बैंक के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिसंबर 2024 में अपना पदभार संभाला था और तब से देश के आर्थिक परिदृश्य में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। श्री मल्होत्रा, जिन्होंने छह वर्षों तक सेवा देने वाले पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास का स्थान लिया है, ने अपने कार्यकाल में महंगाई पर नियंत्रण और ब्याज दरों में कटौती जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब एक और महत्वपूर्ण घोषणा के रूप में 10 रुपए और 500 रुपए के नए नोट जारी किए जाने की खबर सामने आई है, जिसका सीधा असर आम जनता के दैनिक लेनदेन पर पड़ेगा।
10 और 500 रुपए के नए नोटों की घोषणा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि वह महात्मा गांधी (नई) सीरीज के अंतर्गत 10 और 500 रुपए के नए नोट जल्द ही जारी करेगा। इन नए नोटों की विशेषता यह होगी कि इन पर नए गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। केंद्रीय बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि इन नोटों का डिजाइन मौजूदा महात्मा गांधी (नई) सीरीज के नोटों के समान होगा, जिससे आम जनता को इन्हें पहचानने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
पुराने नोट भी रहेंगे वैध
आरबीआई ने यह भी सुनिश्चित किया है कि नए नोट जारी होने के बावजूद, पहले से चलन में मौजूद 10 रुपए और 500 रुपए के सभी नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। इससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और वे अपने पुराने नोटों का उपयोग निर्बाध रूप से कर सकेंगे। यह फैसला 2016 में हुए विमुद्रीकरण से अलग है, जिसमें पुराने नोटों को अवैध घोषित कर दिया गया था। नए नोटों के जारी होने का उद्देश्य केवल नए गवर्नर के हस्ताक्षर को शामिल करना और मुद्रा प्रबंधन प्रक्रिया को अद्यतन करना है।
नए गवर्नर के हस्ताक्षर वाले अन्य नोट
उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने पिछले महीने भी गवर्नर मल्होत्रा के हस्ताक्षर वाले 100 और 200 रुपए के बैंक नोट जारी करने की घोषणा की थी। ऐसे में, अब तक 100, 200, 10 और 500 रुपए के नए नोट जारी किए जा चुके हैं या जल्द ही जारी किए जाएंगे। यह प्रक्रिया नए गवर्नर के कार्यभार संभालने के बाद एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें मुद्रा नोटों पर मौजूदा गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं। अन्य मूल्यवर्ग के नोटों पर भी आने वाले समय में नए हस्ताक्षर देखने को मिल सकते हैं।
आरबीआई द्वारा 10 और 500 रुपए के नए नोट जारी करने की घोषणा और रेपो रेट में संभावित कटौती की खबर से यह स्पष्ट होता है कि नए गवर्नर संजय मल्होत्रा अर्थव्यवस्था को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इन नीतिगत निर्णयों से आम जनता, उद्योग और समग्र अर्थव्यवस्था को लाभ होने की उम्मीद है। हालांकि, अर्थव्यवस्था के सामने अभी भी कुछ चुनौतियां हैं, जैसे कि वैश्विक मंदी की आशंका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता। आने वाले समय में आरबीआई को इन चुनौतियों से निपटने के लिए और अधिक रणनीतिक निर्णय लेने होंगे।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। लेख में उल्लिखित जानकारी विभिन्न स्रोतों से एकत्रित की गई है और इसकी सटीकता की गारंटी नहीं दी जा सकती। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले, पाठकों को अपने वित्तीय सलाहकार या बैंक से परामर्श करना चाहिए। नोटों की वैधता और मौद्रिक नीति से जुड़े अपडेट के लिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत बैंकिंग चैनलों से जानकारी प्राप्त करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी व्यक्ति द्वारा इस लेख के आधार पर लिए गए निर्णयों के परिणामों के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।